Home न्यूज़ और गॉसिप मनोज बाजपेयी ने किया बड़ा खुलासा, बोले- इस वजह से आत्महत्या करने...

मनोज बाजपेयी ने किया बड़ा खुलासा, बोले- इस वजह से आत्महत्या करने के थे काफी करीब

एक्टर सुशांत सिंह राजपूत (Sushant Singh Rajput) के निधन के बाद फिल्म इंडस्ट्री में सेलेब्स अब डिप्रेशन को लेकर खुलकर अपनी बात रख रहे हैं। सेलेब्स अपने डिप्रेशन से जूझने की सारी दास्तां जनता के समक्ष रख रहे हैं। हाल ही में नेशनल अवार्ड विनर एक्टर मनोज बाजपेयी (Manoj Bajpayee) ने अपने स्ट्रगल के शुरुआती दिनों में सामने आई परेशानियों को लेकर खुलकर अपनी बात रखी, उन्होंने हाल ही में अपने संघर्ष की कहानी को ह्यूमन्स ऑफ बॉम्बे नाम के इंस्टाग्राम पेज पर शेयर किया है। इस पोस्ट में लिखा था, मैं एक किसान का बेटा हूं। बिहार के एक गांव में पला-बढ़ा हूं। मेरे पांच भाई बहन थे। हम झोपड़ी के स्कूल में जाया करते थे। बहुत सरल जीवन गुजारा लेकिन जब भी हम शहर जाते थे तो थियेटर भी जाते। मैं बच्चन का फैन था और उनके जैसा बनना चाहता था।

Manoj-Bajpayee-02

दरअसल, बॉलीवुड लाइफ की रिपोर्ट के मुताबिक ह्युमन्स ऑफ बॉम्बे को दिए इंटरव्यू में मनोज बाजपेयी (Manoj Bajpayee) ने कहा, “मैं आत्महत्या करने के काफी करीब था, इसलिए मेरे दोस्त मेरे साथ सोते थे और मुझे कभी अकेला नहीं छोड़ते थे। उन्होंने मेरा साथ तब तक नहीं छोड़ा जब तक मुझे बॉलीवुड में अपनाया नहीं गया। शेखर कपूर की फिल्म बैंडिट क्वीन में मनोज को अपना पहला रोल मिला था। इस बारे में बात करते हुए मनोज ने कहा, उस साल मैं एक चाय की दुकान पर था जब तिग्मांशु अपने खटारा से स्कूटर पर मुझे देखने आया था। शेखर कपूर मुझे बैंडिट क्वीन में कास्ट करना चाहते थे। तो मुझे लगा मैं रेडी हूं और मुंबई आ गया। शुरूआत में बहुत मुश्किल होती थी।

 

Instagram पर यह पोस्ट देखें

 

A conversation!!! #Bhonsle v/s #Vilas

को Manoj Bajpayee (@bajpayee.manoj) द्वारा साझा की गई पोस्ट

मनोज ने कहा कि इस दौरान मैं किराए के लिए पैसा निकालने के लिए संघर्ष करता रहा और कई बार तो मुझे वडा पाव भी महंगा लगता था। लेकिन मेरी पेट की भूख मेरे सफल होने की भूख को कभी हरा नहीं पाई। चार सालों के संघर्ष के बाद मुझे महेश भट्ट की टीवी सीरीज में रोल मिला। मुझे हर एपिसोड के 1500 रूपए मिलते थे, ये मेरी पहली स्थाई तनख्वाह थी।

 

Instagram पर यह पोस्ट देखें

 

को Manoj Bajpayee (@bajpayee.manoj) द्वारा साझा की गई पोस्ट

मेरे काम को पहचाना गया और मुझे कुछ समय बाद सत्या में काम करने का मौका मिला। इसके बाद अवॉर्ड्स आए। मैंने अपना पहला घर खरीदा और मुझे एहसास हो गया था कि मैं यहां रूक सकता हूं। 67 फिल्मों के बाद भी मैं टिका हुआ हूं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular